कॅटेगरी: काव्यलेखन
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मैं लिखता हूँ, क्योंकि कुछ एहसास शब्दों में ढलना चाहते हैं, कुछ सवाल जवाब माँगते हैं और कुछ बातें ख़ामोशी में भी अधूरी रह जाती…
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‘मैं’ के अहंकार से भरी इस दुनिया में हर कोई खुद को बेहतर साबित करने की होड़ में लगा है। यह व्यंग्यात्मक रचना इंसान के…
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ख़ामोशी के पीछे छिपे जज़्बात, दिल में ठहरा दर्द और समंदर-सी गहरी भावनाएँ, इस शायरी में शब्दों का रूप लेती हैं। कभी-कभी इंसान बाहर से…

